मध्य प्रदेश के गुना ज़िले में खाद के लिए लाइन में लगी आदिवासी महिला भुरिया बाई की दुखद मौत हो गई। प्रशासन ने ₹2 लाख की सहायता की घोषणा की है, जबकि कांग्रेस विधायक ने खाद की कालाबाजारी का आरोप लगाया है।
रायपुर कर्चुलियान ब्लॉक के पड़रिया गांव में खाद की कालाबाजारी पकड़ी गई, जहां दुकान संचालक 560 रुपये प्रति बोरी के हिसाब से यूरिया बेच रहा था। नायब तहसीलदार की कार्रवाई में दुकान सीज कर दी गई। वहीं गंगेव में भी 500 रुपये प्रति बोरी की दर से यूरिया बेच दी गई, जिससे किसानों में आक्रोश है।
सतना जिले में खाद संकट थमने का नाम नहीं ले रहा है। सोमवार को प्रशासनिक आंकड़ों के अनुसार 7 केंद्रों से 3640 किसानों को 591.86 मीट्रिक टन खाद का वितरण हुआ, लेकिन 9268 किसान अब भी टोकन के बावजूद खाद से वंचित हैं। नाराज किसानों ने कृषि यांत्रिकी कार्यालय के सामने विरोध प्रदर्शन कर सतना-पन्ना मार्ग पर 45 मिनट तक जाम लगाया।
सतना जिले के मैहर में खाद संकट गहराने से नाराज़ किसानों ने एसडीएम कार्यालय का घेराव कर तोड़फोड़ की। प्रशासन के दावों के बावजूद यूरिया व डीएपी खाद की किल्लत से किसान परेशान, खरीफ सीजन प्रभावित।
सतना जिले में खाद संकट गहराने से किसानों का गुस्सा फूट पड़ा। टोकन के बावजूद यूरिया नहीं मिलने पर किसानों ने सड़क जाम कर प्रदर्शन किया। प्रशासन ने पुराने टोकनों का वितरण पूरा होने तक नए टोकन रोकने का फैसला लिया। खून से लिखी चिट्ठी और धरना-प्रदर्शन की तैयारी ने संकट को और गरमा दिया है।
रीवा जिले की करहिया मंडी में खाद वितरण के दौरान हालात बेकाबू हो गए। टोकन वितरण में धांधली के आरोप लगाते हुए किसानों ने कर्मचारियों को कमरे में बंद कर लिया। पुलिस ने लाठीचार्ज कर किसानों को तितर-बितर किया और कर्मचारियों को सुरक्षित बाहर निकाला। हजारों की संख्या में किसान खाद के लिए लाइन में खड़े थे।
सतना जिले में खाद की भारी किल्लत से किसान हलाकान हैं। टोकन मिलने के बाद भी किसानों को केवल दो-दो बोरी खाद मिल रही है। नाराज किसानों ने मार्कफेड गोदाम के सामने खाद से लदे ट्रकों को रोककर हंगामा किया और सतना-चित्रकूट मार्ग बाधित कर दिया। पूर्व विधायक कल्पना वर्मा ने ज्ञापन सौंपकर प्रशासन पर लापरवाही व किसानों पर झूठे मुकदमे दर्ज करने का आरोप लगाया।
सतना में किसानों को खाद की किल्लत से राहत दिलाने के लिए कांग्रेस जिलाध्यक्ष व विधायक सिद्धार्थ कुशवाहा ने कलेक्टर से मुलाकात की। उन्होंने 7 दिन में व्यवस्था सुधारने की चेतावनी दी और कहा कि समस्या हल न होने पर वे सड़कों पर उतरेंगे। साथ ही एफआईआर वापस लेने और जनप्रतिनिधियों के साथ अभद्रता की घटनाओं पर रोक लगाने की मांग भी की।
रीवा में खाद वितरण की बड़ी गड़बड़ी सामने आई है। प्रशासनिक जांच में दो दुकानों के पीओएस मशीन में यूरिया और डीएपी का स्टॉक दर्ज था, लेकिन मौके पर कुछ भी नहीं मिला। अधिकारियों ने दोनों दुकानों को सीज कर दिया। खरीफ सीजन में किसानों को खाद की किल्लत झेलनी पड़ रही है और उनका आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
सतना और मैहर में खाद वितरण को लेकर हाहाकार मचा हुआ है। किसान सुबह से लेकर देर रात तक लाइन में लगे रहने के बाद भी खाद नहीं पा रहे। कई महिलाएं और पुरुष भूखे-प्यासे कतार में खड़े हैं, यहां तक कि एक बोरी खाद के चक्कर में नौकरियां छूट रही हैं। कलेक्टर ने निरीक्षण कर बड़ी गड़बड़ियों को उजागर किया और समितियों को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।






















